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TUESDAY, AUGUST 26, 2008

चिरंजीवी ने बनाई प्रजा राज्यम पार्टी

तिरुपति। अभिनेता चिरंजीवी ने मंगलवार को खुद को नेता के रूप में औपचारिक तौर पर लान्च किया। लान्चिंग बालाजी के धार्मिक शहर से हुई, लेकिन एकदम फिल्मी अंदाज में। हजारों समर्थकों की भीड़, नाच-गाना और कैमरा-लाइट के बीच उन्होंने अपनी पार्टी का नाम घोषित किया, ‘प्रजा राज्यम’। उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए काम करने और भ्रष्टाचार का समूल नाश करने को पार्टी का मुख्य एजेंडा बताया।इससे पहले चिरंजीवी ने लंबा भाषण दिया और उपस्थित भीड़ के साथ थोड़ा संवाद भी किया। पार्टी के नाम का ऐलान करते ही सभा स्थल पर गाने की धुन सुनाई देने लगी और मंच पर लगे विशाल स्क्रीन पर खूबसूरत दृश्य दिखाई देने लगे।53 ंवर्षीय अभिनेता ने हर क्षेत्र से जुड़ी अपनी पार्टी की नीतियों का खुलासा किया। उन्होंने तेलंगाना, नक्सलवाद सहित तमाम ज्वलंत मुद्दों पर बात की और कहा कि इन संवेदनशील मुद्दों पर अचानक कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवी लोगों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद ही वह इन मुद्दों पर अपनी अंतिम राय कायम करेंगे।चिंरजीवी ने 120 एकड़ में फैले अविलाला टैंक मैदान में समर्थकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अपनी पार्टी के झंडे का भी अनावरण किया। झंडा हरा और सफेद रंग का है। बीच में सूर्य भी बना है। चिरंजीवी ने लगे हाथ चुनाव आयोग में पार्टी के रजिस्ट्रेशन की अर्जी भी दे दी।एक सिपाही के बेटे चिरंजीवी ने 148 फिल्मों में काम किया है और पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रेरणा से अब वह राजनीति में उतरे हैं। उनके पहले राजनीतिक शो में उनकी एक झलक पाने को आतुर प्रशंसकों की भारी भीड़ जुटी थी। इस वजह से सभास्थल पर अफरातफरी का माहौल भी बन गया और पुलिस को लाठियां तक भांजनी पड़ी।इस बीच, नई दिल्ली में कांग्रेस ने चिरंजीवी की नई पार्टी की लांचिंग पर सधी हुई प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

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Jun 14, 2011 at 09:15am


हैदराबाद। तेलुगू सुपर स्टार के. चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) का सोमवार को औपचारिक रूप से आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में विलय हो गया। चिरंजीवी ने 2008 में पीआरपी की स्थापना की थी। निर्वाचन आयोग ने इस विलय को मंजूरी दे दी और राज्य निर्वाचन आयोग को इससे सम्बंधित दस्तावेज सोमवार को सौंप दिए गए।
पीआरपी नेता सी. रामचंद्रैया ने संवाददाताओं से कहा कि इसके साथ ही विलय की सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी हो गईं। विलय के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष पीआरपी के 18 विधायकों को कांग्रेस के ही विधायक मानेंगे।

विलय के बाद 294 सदस्यों वाले आंध्र प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या 173 हो गई।

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