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रामदेव के साथी राजीव दीक्षित का निधन

By visfot news network 30/11/2010 12:52:00

राजीव दीक्षित का निधन हो गया है. किसी दौर में आजादी बचाओ आंदोनल के प्रखर वक्ता और स्वदेशी के प्रवक्ता रहे राजीव दीक्षित का सोमवार को भिलाई में संदेहास्पद परिस्थितियों में निधन हो गया. वे 42 वर्ष के थे और पिछले तीन चार सालों से बाबा रामदेव के साथ काम कर रहे थे.
स्वदेशी के प्रखर प्रवक्ता के रूप में देश में ख्याति अर्जित करनेवाले राजीव दीक्षित पिछले तीन चार सालों से बाबा रामदेव से जुड़ गये थे. आज बाबा रामदेव जिस स्वदेशी और स्वाभिमान आंदोलन की

बात करते हैं उसका मंत्र राजीव दीक्षित ने ही रामदेव को दिया था. लेकिन सोमवार को भिलाई में किसी स्थान पर भोजन करने जा रहे थे, जहां अचानक उनके सीने में दर्द हुआ जिसके बाद उन्हें हृदयाघात हो गया. उसके बाद उन्हें दिल्ली ले जाने की तैयारी की जा रही थी लेकिन इसी दौरान स्थानीय डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उस वक्त उनके साथ मौजूद रहे लोग यही बात बता रहे हैं.

हालांकि राजीव दीक्षित के पुराने साथी जो आजादी बचाओ आंदोलन के दौरान उनसे जुड़े रहे थे राजीव दीक्षित के इस आकस्मिक निधन पर संदेह व्यक्त कर रहे हैं. उनके कुछ पुराने साथियों का कहना है कि राजीव दीक्षित पूरी तरह से स्वस्थ थे और वे खुद एक होम्योपैथी पैक्टिशनर थे इसलिए हृदयगति रूकने से हुई मौत की बात थोड़ी अटपटी लग रही है. उनके साथियों का कहना है कि वे इस बात को पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि हृदयगति रुकने के बाद उन्हें किस अस्पताल में ले जाया गया और प्राथमिक तौर पर जांच करनेवाले डॉक्टरों ने क्या निष्कर्ष निकाला था.
राजीव दीक्षित का पार्थिव शरीर विशेष विमान से दोपहर बाद भिलाई से हरिद्वार लाया जा रहा है जहां बुधवार को सुबह दस बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा

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राजीव दीक्षित का दिल के दौरे से निधन विदेशी दवा से मना करते रहे और

भिलाई (छत्तीसगढ़) , 1 दिसंबर , 2010 , बाबा रामदेव के भारत स्वाभिमान आंदोलन न्यास के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता राजीव दीक्षित का छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान भिलाई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया |

बताया गया कि वे विगत तीन दिनों से छत्त्तीसगढ के विभिन्न जिलों में संस्था का प्रचार कर रहे थे | 29 नवंबर को उनका कार्यक्रम बेमेतरा में था | कार्यक्रम पश्चात वे भिलाई लोट आये | देर रात भिलाई में उन्हें दिल का दौरा पड़ा | उन्हें भिलाई के अपोलो अस्पताल ले जाया गया , जहाँ उनकी मृत्यु की घोषणा की गई | राजीव दीक्षित बाबा रामदेव की संस्था में जाने से पहले स्वदेशी जागरण मंच से जुड़े हुए थे |
अपोलो अस्पताल के डा. दिलीप रत्नानी ने बताया कि राजीव दीक्षित के मेजर अटैक था , इस परिस्थिति में दवाईयां भी काम नहीं करतीं |मरीज की एंजियोप्लास्टी जरूरी होती है | चूंकि राजीव दीक्षित स्वदेशी जागरण अभियान से जुड़े थे , इसलिए उन्होंने उस घड़ी में भी अंगरेजी दवाईयों का  सेवन करने से इनकार कर दिया | इसकी जानकारी बाबा रामदेव को होने के बाद उन्हें फोन पर समझाईश दी गई तब वे दवा और एंजियोप्लास्टी के लिये तैयार हुए | जब उन्हें कैथ लेब ले जाया जा रहा था , तभी उन्होंने 11.50 बजे दम तोड़ दिया | 30 नवंबर को ही उनका पार्थिव शरीर  हरिद्वार से आये विशेष विमान से भेज दिया गया |

राजीव दीक्षित के असामायिक निधन पर भाजपा का शोक

By arvind – Posted on 01 दिसंबर 2010
लखनऊ, भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय पर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सचिव रहे राजीव दीक्षित के असामायिक निधन पर शोक सभा हुई। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने स्व. दीक्षित के निधन को दुखद बताते हुये इसे अपूर्णनीय क्षति बताया। भारतीय जनता पार्टी संकट की इस घड़ी में ईश्वर से प्रार्थना करती है कि शोक संतृप्त परिवार को सहन शक्ति प्रदान करे।
शोकसभा में महामंत्री संगठन नागेन्द्र नाथ, महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार, नरेन्द्र सिंह, विनोद पाण्डेय, डॉ. महेन्द्र पाण्डेय, प्रेमलता कटियार, सहसंगठन मंत्री राकेश जैन, उपाध्यक्ष शिवप्रताप शुक्ला, लज्जा रानी गर्ग, रमापति शास्त्र, विरेन्द्र सिंह सिरोही, स्वतंत्रदेव सिंह, डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी, मीडिया प्रभारी नरेन्द्र सिंह राणा, हरीशचन्द्र श्रीवास्तव, कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित, सह प्रभारी चौ. लक्ष्मन सिंह, सहमीडिया प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव उपस्थित थे।
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