Natural Urban Vegetable Farming/ प्राकृतिक सब्जी की खेती शहर में

Natural Urban Vegetable Farming/ प्राकृतिक सब्जी की खेती शहर में

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वन्दे मातरम,

तो आप भी अपने घर में (छत या फिर बाग) अपने खाने के लिए जहर रहित ताज़ी सब्जियां का उत्पादन करना चाहते हैं. ठीक है.. आइये समझते हैं की हम ये कैसे कर सकते हैं.


  1. गमला. सबसे पहले आपको चाहिए गमला (बाग़ में गमले की जरुरत नहीं). गमला कुछ भी वस्तु हो सकती है, जिसमे 6 इंच मिटटी कम से कम ठहर सके. (9 से 12 इंच हो तो ज्यादा बेहतर). गमले में छेद होना बहुत जरुरी है ताकि फालतू पानी अपने आप बाहर निकल सके. गमले के रूप में आप 20 लीटर की बाल्टियां, फ्रूट की प्लास्टिक की बास्केट, लकड़ी की बास्केट, या फिर मोटे कपडे  के बैग इत्यादि कुछ भी इस्तेमाल कर सकते हैं. उसमें छेद जरुर करे. 

  2. मिटटी. कोई भी मिटटी चलेगी. आप किसी की बातों में आकर कोई फ़ालतू खर्चा न करे. कोई भी सामान्य मिटटी लीजिये. गमले को 6 – 12 इंच मिटटी से भर दीजिये.
  3. घन जीवामृत. इसके लिए आपको चाहिए (प्रति १०० स्क्वायर फीट) के लिए 500 ग्राम देसी गाय का गोबर, (सिर्फ देसी गाय), 250 मिली लीटर देसी गाय का गोमूत्र, 10 ग्राम गुड, 20 ग्राम बेसन, १ मुठ्ठी पुराने पेड़ की मिटटी. इन सबको अच्छी तरह से मिला ले. 2 दिन छांव में ढककर रखें. फिर इसको हल्का गिला करके इसके लड्डू बना ले. जितने गमले उतने लड्डू. हर गमले में एक एक लड्डू रख दें.
  4. देसी बीज. सिर्फ देसी बीज. देसी बीज ही बोना है. जो भी मौसम की सब्जियां आपके नगर में होती हो उनके बारे में ज्यादा जानकारी आपको कोई नर्सरी वाला, या कोई सब्जी वाला दे सकता है. जैसे अगस्त में मुली लगायेंगे तो सितम्बर में खाने को मुली मिलेगी. (मुली 30 से 35 दिन की फसल होती है.) बीजो को 2 सेंटीमीटर की गहराई में बोना है. 
  5. बिजामृत. बीजों का शोधन करने से बीज मजबूत बनता है और आने वाले पौधे में कई रोग नहीं लगते.

  6. पानी. बीज बोते समय मिटटी में नमी का होना आवश्यक है, इसलिए मिटटी न सुखी हो और न ही ज्यादा पानी हो. सिर्फ नमी होनी चाहिए. अभी बीज के अंकुरण के लिए इसको धुप की जरुरत नहीं है, आप चाहे तो एक पन्नी से गमले को ढककर (1 छोटा सा छेद करके) रखें जब तक अंकुरण न हो. अंकुरण होते ही पौधे को धुप में रखें. पन्नी हटा ले.
  7. नियमित गमलो में नमी बनाये रखें.
  8. पूरी तरह पौधे निकलने के बाद, गमले में छोटी खुरपी से गुड़ाई करे, ताकि पौधे की जड़ों को हवा मिल सके. साथ ही ख़ास निकले.
  9. जिवामृत. 100 स्क्वायर फीट में सिर्फ 100 ग्राम देसी गाय का गोबर, 50-70 मिलीलीटर गोमूत्र, 10 ग्राम गुड, 10 ग्राम आटा /बेसन, 1 मुठ्ठी पुराने पेड़ की मिटटी चाहिए. इन सबको 500 मिलीलीटर पानी में मिलाये. 48 घंटे छांव में रखें. उसके बाद सिंचन के पानी के साथ में लगाये.
  10. प्राकृतिक दवाइयों का छिडकाव. सिर्फ किट आने पर ही, 100 मिली लीटर गौमूत्र में 2 लीटर पानी मिलाकर स्प्रे करे.
https://www.dropbox.com/sh/8c01ewyi362fzvl/RKD0bc4RBn सभी खाद, कीटनाशक और बीज के शोधन का फार्मूला ऊपर दिए लिंक में 8 पन्नों में दिया हुआ है.. 

कोई अभी सवाल हो, मेल करके पूछें. 
नवनीत.सिन्घल००१@जीमेल.कॉम 
navneet.singhal001@gmail.com


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