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कैंसर, ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट अटैक, मोटापा और न जाने कितनी बिमारियों ने हम सबको खेर लिया है, हमारे किसी के परिवार में शायद ही पूरा परिवार सम्पूर्ण स्वस्थ हो. कोई न कोई किसी न किसी बीमारी से ग्रसित है और गोलियों पर जीवन जी रहा है. इस सबका कारन है हमारे खाने में जहर (जहर यूरिया का और अन्य केमिकल का जिससे हमारा भोजन विषेला हुआ है.) इस जहर से बचने का उपाय श्री सुभाष पालेकर जी की जीरो बजट प्राकृतिक खेती में है. यह तरीका वो देश भर में किसानो को मुफ्त में सिखाते हैं. अपना पालन पोषण वो अपनी पुस्तकें बेचकर चलाते है. क्या आप उनके इस मानवीय आन्दोलन में साथ देंगे ?
अब धरती अमृत उगलेगी, विष का होगा खात्मा,
हर किसान खुशहाल बनेगा, खुश होंगे परमात्मा.
किसान भाइयों और बहनों,
अपने देश में कुछ साल पहले हमने अपने खेतो में प्रयोग के रूप में रासायनिक खाद अवं कीटनाशक का इस्तेमाल शुरू किया था. यह हमको चमत्कार लगा और हम लगातार रासायनिक खाद की मात्र खेत में बढ़ाते चले गए. परिणामत: आज हम पूरी तरह बाजारी उर्वरक अवं कीटनाशक पर निर्भर हैं. साथ ही पिछले वर्षों में अन्धाधुन्द रसायन के प्रयोग से हमारी जमीन बंजर हुई है, विषैली हुई है, जमीन में पानी की मांग बढ़ी है, मित्र किट गायब हुए हैं. आज किसान विषयुक्त अन्न पैदा करने के लिए मजबूर है. बर्बादी का आलम यह है की सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1338 किसान प्रतिमाह आत्महत्या कर रहे हैं अवं रासायनिक खाद के कारन उत्पन्न अनेक बिमारियों से ग्रस्त लाखों लोग अस्पतालों में लाखों रुपया खर्च करके भी अपना जीवन बचा नहीं पा रहे हैं. 25-50 बीघा का मालिक किसान भी खेती को खाटे का काम कहकर छोड़ने का मन बना चूका है. कोई रास्ता नजर नहीं आता.
लेकिन अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कृषि के गुरु श्री सुभाष पालेकर जी ने 25 वर्षो के कृषि अनुसन्धान द्वारा “शुन्य लागत कृषि” के सिद्ध प्रयोगों से हमारी समस्या का हल खोज लिया है. श्री पालेकर से प्रेरित होकर रसायन रहित कृषि द्वारा अधिक लाभ कमाने वाले खुशहाल किसानों की संख्या 40 लाख पार कर चुकी है. हर्ष की बात है की इस सफल कृषि तकनीक के जनक, कृषि क्षेत्र में एक नयी क्रांति पैदा करने वाले श्री सुभाष पालेकर जी पञ्च दिवसीय कार्यशाला में हमारे बीच रहेंगे. आपसे अनुरोध है की इस कार्यशाला में भाग लेकर श्री पालेकर जी के  सानिध्य का लाभ उठाये. विवरण इस प्रकार है :-
जीरो बजट प्राकृतिक कृषि पञ्च दिवसीय आवासीय कार्यशाला.
प्रवर्तक श्री सुभाष पालेकर
दिनांक 24 October से 28 October 2015 तक.
स्थान :- प्रेम नगर आश्रम, हरिद्वार 
निवेदक:-
गोपाल उपाध्याय जी
+91 9410150833
+91 9412071587
नोट:-
१ कार्यशाला में पंजीकरण के बाद प्रवेश होगा. पंजीकरण के लिए फ़ोन करे
२ कार्यशाला में पुरे समय रुकने के हिसाब से आयें.
३ मौसम के अनुसार ओढने की चादर साथ लायें.
४ भोजन एवं आवास की व्यवस्था रहेगी.
इस कृषि क्रांति/ आन्दोलन का खर्चा पालेकर जी की पुस्तकें बेचकर निकला जाता है. आप सभी लोगों से २ उम्मीद है.:-
१ किसान भाइयों को इस सम्मलेन में भेजकर उनकी, अपनी, और देश की मदद करे.
२ जो दान कर सके वो पालेकर जी की पुस्तकें खरीदकर किसानों को गिफ्ट करे और उनकी मदद करे.
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