28 फ़रवरी 2016 गाय के लिए जन आंदोलन

    376
    0
    SHARE

    gauजय गौ माता जय भारत मित्रो ।

    सभी गौ पुत्रो से

    सभी गौ भक्तो से

    सभी गाय से जुड़े मित्रो से

    आप सभी को हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ की आप ज्यादा से ज्यादा संख्या बल में 28 फरवरी रविवार को राम लीला मैदान दिल्ली, अवश्य पहुंचे। आपसे कुछ नही चाहिए सिवाय आपकी उपस्तिथि के …. कृपया सभी गौ भक्तों को जोड़ें…

    हमने केंद्र में हिंदुत्ववादी नरेंद्र मोदी जी को तो बिठा ही दिया था 2014 में । उन्होंने कई अच्छे कार्य भी किये हैं लेकिन कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिनके लिए बाहर से दबाव का होना जरूरी हो जाता है ।

    अब गौ माता के लिए हम हाथ पर हाथ थरे कब तक बैठे रहेंगे , क्यों न हम जन आंदोलन से अपने प्रिय सेवक श्री नरेंद्र मोदी जी को जागृत करें की वो गौ को राष्ट्र माता का स्थान दें । उन्हें कटने से प्रतिबंधित करें । उनके गोबर से देश में बिजली पानी व् हवा का निर्माण हो । देश स्वावलम्बी बने ।

    जो पुराने लोग है और समझते हैं की गाय को ही माता का स्थान क्यों दिया जाता है वो यह सब समझ रहे होंगे । जो नही समझ पाये अभी, वो निचे दिए लिंक पर जाकर इस परम् वैज्ञानिक सत्य को पढ़ें समझें और प्रचार करें ।

    भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा पशुधन 50  करोड़ का है, जो 25 करोड़ टन का गोबर उत्पादन करता है. इसको इस्तेमाल करके हम न सिर्फ रसोई गैस, बल्कि पेट्रोल में भी आत्मनिर्भर हो सकते हैं. LPG, केरोसिन, पेट्रोल इन तीनों को पूरी तरह से मीथेन गैस से हटाया जा सकता है. मीथेन गैस से बिजली भी बनती है जो की भारत के सारे गाँवों की बिजली की जरूरत को पूरा कर सकती है. मीथेन गैस बनने के बाद जो गोबर बचेगा वह खेती के लिए एक उपयुक्त खाद का भी काम करेगा जो कि रासायनिक फर्टिलाइजर  पर भारत का खर्च होने वाला विदेशी मुद्रा को भी बचाएगा.

    उत्तर प्रदेश में गोबर गैस अनुसंधान स्टेशन ने स्थापित किया है की एक गाय एक साल में पेट्रोल की 225 लीटर के बराबर मीथेन गैस का उत्पादन करने के लिए गोबर देती है. कैलोरी मान तालिका में एक किलो मीथेन गैस, एक किलो पेट्रोल,रसोई गैस, मिट्टी का तेल या डीज़ल के लिए बराबर ऊर्जा सामग्री में है

    Also Read:  Nehru, Mount Batten and Mac. Arthur Created conspiracy of Bose's Marriage.

    http://wp.me/p7cxpA-U पूरी पोस्ट यहाँ पढ़ें ।

    कृपया याद रहें अब नहीं तो कभी नही..

    सरकार अपनी, लोग अपने, आन्दोलन अपना… अब भी गौ माता को उसका स्थान न दिलवा पाए तो शायद ही फिर कभी ऐसा सुनहरा अवसर प्राप्त हो..

    NO COMMENTS

    LEAVE A REPLY