माता सुनी न कुमाता ???

माता सुनी न कुमाता ???

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माता सुनी न कुमाता

माँ से बढ़कर कोई नही

अगर माँ बाप की नहीं सुनते तो औलाद नालायक है ……

लेकिन

एक माँ थी केकई जिसने अपनी कोख से जन्मे भरत के लिए दूसरी औरत से जन्मे श्री राम जी को 14 साल के लिए वनवास करवाया था. क्या वो ऐसा भरत के लिए कर सकती थी ?? कदापि नहीं….

एक माँ थी यशोदा जिन्होंने भगवान श्री कृष्ण जी को अपनी कोख से नहीं जन्म लेकिन जितना प्यार दिया और जितना कुछ किया वो अतुलनीय है.. वो है सच्ची ममता.

विश्व में हर औरत (लगभग) माँ बनती ही है, तो क्या वो महान हो जाती है माँ बनते ही, की उसका कोई भी आदेश हो (सही या गलत) उसके बच्चों को उसे मानना ही होगा, अन्यथा वह बच्चे नालायक और दुष्ट कहलाये जायेंगे ?

क्या हर माँ सारे फैसले सही लेती है ?

आपकी समझ के अनुसार माँ कौन होती है या कैसी होनी चाहिए ?

1 केकई जैसी स्वार्थी माँ जो अपनी और सिर्फ अपनी औलाद के लिए सब कुछ करे और दुसरे की औलाद को तुच्छ समझे या उसके ऊपर अत्याचार करे ? जैसे आज कितने ही घरो में औरतें जो किसी न किसी की माँ हैं वो गरीब छोटे बचों से काम करवाती हैं, उन पर जुल्म धाती हैं क्या वो औरत माँ का दर्जा रखने के लिए उपयुक्त है ??

2 यशोदा जैसी मताए जो अपने बच्चों से ज्यादा पराये बच्चों को इतना प्यार देती है की बच्चों को कभी एहसास ही नहीं हुआ की वो पराये हैं. जिस माँ ने उसको अपने बच्चों जैसे पला. मारा भी धमकाया भी और प्यार भी खूब किया लेकिन कभी यह एहसास नहीं होने दिया की तू मेरी संतान नहीं है.

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धर्म के मार्ग पर चलने वाले को महान गिनना चाहिए. अधर्मी को महान नहीं गिनना चाहिए चाहे वो कोई भी क्यूँ न हो .

अपने लाभ के लिए, अपने स्वार्थी के लिए दूसरों की हानि करना निंदनीय है..

माँ की ममता सिर्फ अपने बच्चे तक सिमित नही होनी चाहिए .

माँ नाम है दया और ममता का, जो सबके लिए है, अपने बच्चों से तो जानवर भी प्यार करते हैं.

स्वयं के लिए या सिर्फ स्वयं के परिवार के लिए जो कुछ भी किया जाये वो स्वार्थ ही है, इसलिए माँ भी अगर सिर्फ अपने अपनों का ही सोचेगी तो वो माँ नहीं स्वार्थी औरत है.

इस मुद्दे पर चर्चा इसलिए की अगर आपकी माता गलत हैं, अधर्मी है और आपसे अधर्म करवाना चाहती हैं तो उसका आदर सम्मान करना भी अधर्म ही होगा. माता सिर्फ अपनी औलाद के लिए कुमाता नहीं होती लेकिन अगर वो दुसरो के लिए अधर्मी है तो वो माता कहने योग्य ही नहीं है.

बाकी आप सब अपनी बात रखें. 

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