भारत कैसे स्वच्छ होगा, सरल उपाय

भारत कैसे स्वच्छ होगा, सरल उपाय

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पिछले कुछ दिनों से अपने कमरे की झाड़ू पोचा स्वयम करना शुरू किया . कारण ? कामवाली ठीक से साफ़ नहीं करती थी और मुझे जमीन पर बैठने की आदत है.

मेरे परिवार के लोगों को तकलीफ हुई की ये CA है और झाड़ू पोछा कर रहा है. ये कैसी सोच है हमारे समाज की ??

modi-broom

यह व्यक्ति नरेंदर मोदी जी हैं. जो भारत के दुसरे सबसे बड़े पद पर जनता द्वारा बिठाये गए हैं. CA से तो बहुत ऊँचा पद है न ?

इस व्यक्ति को कोई जरूरत नहीं है अपना कमरा भी साफ़ करने की, लेकिन वो व्यक्ति अपना कमरा भी नहीं, बल्कि जनता के सामने टीवी पर सड़क से कूड़ा उठा रहा है.. आखिर क्यूँ ?

मैं तो फिर भी सिर्फ अपना कमरा साफ़ कर रहा हूँ, कोई जनता का नहीं.

 

मेरे ऐसा करने से लाभ हुए कई

1 कमरा अच्छे से साफ़ हुआ

2 किसी को भी गंदगी फ़ैलाने से रोकने लगा क्यूंकि स्वयम की मेहनत से साफ़ किया है उसको खराब होते कैसे देखूं ?

3 शरीर का अच्छे से व्यायाम हुआ, खूब जमकर पसीना निकला

4 समझ आ गयी ये बात की मोदी जी क्यूँ स्वच्छ भारत अभियान चला रहे हैं.

असल में बहुत सरल सोच है, जो आज के पढ़े लिखे अमीर लोगों ने भुला दी है, या यूँ कहें की सभी की सोच में जबरदस्त बदलाव आ चूका है. उस सोच को सही करना है.

आपने कभी सोचा की क्यूँ है हमारा देश गन्दा ?

क्यूंकि हम लोग स्वयम से कुछ भी साफ़ करने की आदत नहीं रखते. हम जब गरीब होते हैं तो मजबूरी में अपना घर साफ़ रखते हैं क्यूंकि कामवाली बाई के पैसे कौन देगा ..

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जब हम थोड़े से पैसे वाले हो जाते हैं तो तुरंत नौकर रखकर झाड़ू पोचा सब उस कामवाली के भरोसे छोड़ देते हैं. नतीजा क्या हुआ, हम गंदगी ज्यादा फैलाते हैं, क्यूँ क्यूंकि हमको मालुम है कामवाली है, वो साफ़ करेगी न. अब यही आदत जो घर में बनी वही आदत हम बाहर (देश में घर से बाहर) फॉलो करते हैं. नतीजा गंदगी कभी भी कहीं भी करते हैं .

कैसे फ़ैल जाती है हमारे यहाँ गंदगी ?

कूड़ा किसने फेंका सड़क पर ? हम लोगों ने ही

पानी किसने फेंका सड़क पर ? हम लोगों ने ही

अब इसका उपाय क्या है ?

बहुत ही सरल है. आप सब छोटे छोटे घर में रहते हैं, उसमे भी ज्यादा से ज्यादा आपका एक कमरा होता है. क्यूँ न आप मात्र अपने ही कमरे को स्वच्छ करने की जिम्मेदारी ले लें. अगर घर के सभी सदस्य घर की साफ़ सफाई का कार्य स्वयम कर लें और उस कार्य को आपस में बाँट लें (जैसे अपना कमरा स्वयम, और common area बारी बारी से साप्ताहिक).

अब आपके घर में कोई भी घर का सदस्य गंदगी नही करेगा, क्यूँ ? क्यूंकि आपने यह घर स्वयम साफ़ किया और जो कार्य हम स्वयम करते हैं हम उसके विपरीत कार्य को नहीं करते. यह मानवीय प्रकृति है ..

जरा सोचिये की जिस कमरे को आपने झाड़ू पोचा किया, उस कमरे को क्या आप स्वयम गन्दा करोगे ? नहीं न क्यूँ ? सरल है आपने मेहनत की है ..

न ही किसी और को उसे गन्दा करने दोगे. बताओ करने दोगे क्या ? नहीं न ? क्यूँ क्यूंकि आपकी मेहनत लगी है और आपने ही प्रतिदिन उसको साफ़ करना है.

आदत घर में बदलेगी तो उसका असर घर के बाहर भी दिखेगा और आप कूड़ा कूड़ेदान में ही डालोगे.

और सबसे अच्छी बात जानते हैं, आपके पैसे बचेंगे जिसके लिए आप दिन रात पागल से हुए रहते हैं. न न सिर्फ कामवाली बाई के नहीं बल्कि दवाई के, जिम के क्यूंकि इस कार्य में जो मेहनत होगी वो आपके स्वास्थ्य को ठीक रखेगी.

प्रतिदिन सुबह उठें और 15-30 मिनट लगाकर यह व्यायाम करें तो सफाई भी होगी, आदत भी सुधरेगी और देश भी स्वच्छ होगा.

 

घर के साथ साथ बाहर भी सफाई करनी होगी (पहले से पड़ी गंदगी की जो एक बार मेहनत मांगेगी, उसके बाद साप्ताहिक या मासिक बरी बारी से समाज की संस्थाएं स्वयम लोगों के साथ मिलकर ऐसे कार्य को पूर्ण करें.

साथ ही परम आवश्यक है की ऐसे कड़े कायदे कानून बनाये जायें और उनका सख्ती से पालन हो जैसे:-

  1. जिसके घर के आसपास कूड़ा पाया जायेगा उसके घर में उस कूड़े को डाल दिया जायेगा
  2. उससे कूड़ा उठाने पर होने वाले खर्च का व्यय भी वसूला जायेगा
  3. उसको सरकारी कामगारों के बीच रहकर अपने सार्वजनिक क्षेत्र की सफाई की सजा दी जाएगी ताकि वह लज्जित हो और आगे से सार्वजनिक जगह पर कूड़ा न फेंके.

लोग अपने आसपास कूड़ा न फेंकेंगे न किसी को फेंकने देंगे. कोई फेंकेगा तो उसकी विडियो बनाये और पुलिस में दें. आप अपना घर भी स्वच्छ रखें और अपना देश विदेश भी.. क्यूंकि यह पृथ्वी हम सबका घर है…

1 COMMENT

  1. AGAR KISI SE MERI BIKE KA SHISHA TUT JAYE TO USE SAMJHATA HU….USK KHILAF KOI ACTION NHI LETA…KYONKI ACTION LENE SE RS.80 KA SHISHA LGWANA PDEGA OR RS.80 KA USKO….MATLAB RS160 KA KHARCHA ..MAIN IS TRAH B SAVING KRTa hu.main bhikhari union ko koi paisa daan nhi krta ..bs jrurt mand ki help kr deta hu…hre bhre hryanak karnal,newal goav me rehta hu… par kashmir or rajsthan ki dhoop me b rehne ki kshamta (capasity) rakhta hu….kanjoosh nhi daily seasonaly fruit khata hu…nonseasonaly nhi khaker money saving krta hu….main desh ko bada nhi manta manav jatee ko bada manta hu.pooja prarthna kam krta hu. bs harek se pyar se baat krta hu…….main maa baap se pyar krta hu.duniya me jyadatar bhai achhe(mazboori/karanvash) nhi hote , par main apne bhai ko dost maanta hu…
    hind k liye bolunga kuch nhi,((vo amulya h), bs kuch na kuch kar rha hu…kisi se kabhi serious nhi hota ,,,,main PGI me logo ki halat dekh chuka hu…apme aap ko achha nhi maanta ,,,achhe-bure(unki bhukh jaanta hu.) logo se mulakat krta hu./// mujhe dar nhi mere dusmano se …jab dharti logo ki dusman ban jayegi tb ve dusman kya krenge…mloven

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