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जय श्री राम । मित्रों सूचि बन चुकी है असली नामो की ।
इस भारत का मूल हनुमान से है , हिंदी से है, राम से है, कृष्ण से है किसी उर्दू, बाबर, मुहम्मद से नही ।
आपको मुहम्मद चाहिए तो वहां जाएँ जहां का मोहम्मद है , जहां मोहम्मद के नियम कानून हैं । ये भारत था, भारत है और भारत रहेगा । इसकी भारतीयता माने राम कृष्ण विष्णु शिव ब्रह्म पार्वती लक्ष्मी सरस्वती है ।।
यहां शरण लेने आये थे, यहां लूटने आये थे मोहम्मद के वंशज , अब यहां अधिकार जमाते हो, भारत के 2 राज्य पाकिस्तान और ईस्ट बंग्लादेश तुम्हे दे दिया कोंग्रेसी और अंग्रेजी लुटेरों ने तब भी पेट नही भरता तुम राक्षसों का ।
भारत में रहना है तो भारतीय बनकर रहना है । भारतीय की परिभाषा में जो फिट नही वो विदेशी है और विदेशियों को भारत की जनता के अधिकार नही मिलते । विदेशी विदेशी है उसका हित भारत के लिए हितैषी कदापि नही हो सकता ।
जिसने भारतीयता त्यागकर विदेशी धर्म अपनाया वो भारतीय कहां से है ? क्यों है वो भारत में ? डर से कन्वर्ट हुए थे तो वापस भारतीय बनो और लोभ लालच या स्वेच्छा से हुए थे तो भारतीयता का त्याग करते ही तुम विदेशी हो गए , वहीं जाइये जहां तुम्हारा मन है , यहां क्यों ऐसी तैसी करवा रहे हो ।
सूचि बन चुकी है ।
भारत के मूल शहरों  के नाम की

भारत के मूल मंदिरों की

जिन्हें विदेशि मुल्लोंं ने कब्जाकर रखा है ।
ताज महल तेजो महालय शिव लिंग (द्वार खुलने ही चाहिए)
एक एक करके सभी की असली सच्चाई सबको बतानी है, और वापस मूल रूप में आना है ।
जो भारत का हित सोचे भारतीयता को अपनाए वो ही भारतीय बाकी सब विदेशी हैं ।। कोर्ट में यह विवाद होना चाहिए भारतीयता के ऊपर ।।

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