नव वर्ष 1 जनवरी का सत्य

नव वर्ष 1 जनवरी का सत्य

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हिन्दू केलिन्डर vs gregorian केलिन्डर
1 जनवरी वो दिन था जब ईसाईयों के जीसस का खतना हुआ था (खतना मुसलमानों में भी होता है न ) उसी को अंग्रेजी में circumcision कहते हैं…
निचे बाइबिल से लिए सबूत को ही पढ़ लो..
या फिर किसी इसाई को पूछो की वो देख कर या ढूंढ  कर बताये आपको की क्या है 1 जनवरी में ऐसा ख़ास …
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जो भी भाई यह नव वर्ष मनाते हैं उनसे एक सवाल क्या वह
किसी 7-8 दिन के बच्चे की लिंग के छिलने (खतना) circumcision को support करते हैं ।

क्योंकि यह 1 जनवरी जीसस क्राइस्ट के खतने की ख़ुशी में मनाया जाता है ।

1752 तक सम्पूर्ण विश्व अप्रैल में नव वर्ष मनाता था जिसको अप्रैल फूल खोषित किया गया ।
यह वही नव वर्ष है जो आज भी चीन और भारत के लोग का नव वर्ष है यानि विश्व की लगभग आधी जनता का नव वर्ष 1 जनवरी है ही नही।
यह ईसाइयो का नव वर्ष है और जहाँ जहाँ ईसाईयों ने राज किया वहां इनके मानसिक गुलाम लोग इन्ही के तर्कहीन नववर्ष को मनाते हैं ।
क्या आप आज भी अंग्रेजी मानसिकता के गुलाम हैं ??
1 जनवरी यानि जीसस क्राइस्ट के खतने का दिन।

क्या आप भी इस खतने के दिवस को नव वर्ष के रूप में मनाते हो ?

मुर्ख दिवस है 1 जनवरी
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हमारा नव वर्ष प्रकृति के साथ शुरू होता है जब सभी वृक्ष भी नए पत्ते धारण करती हैं। हर तरफ सब कुछ नया नया प्रतीत होता है ।
वही नव वर्ष जो करोड़ो वर्षों से सनातन धर्म के हिन्दू संस्कृति के लोग मनाते आये हैं
हिन्दू केलिन्डर जिसको पंचांग कहते हैं ।
चीन विश्व का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश ईसाई नही है और न ही ईसाईयों का नव वर्ष 1 जनवरी मनाता है वह अपना नव वर्ष मनाता है ।
भारत के मानसिक गुलाम लोग ही हैं जो ईसाइयो का नव वर्ष मनाते हैं और अपना साइंटिफिक प्राकृतिक नव वर्ष को अप्रैल फूल मनाते हैं ।
क्या आप भी अंग्रेजो के गुलाम हैं मानसिक रूप से ?
फिर आप मुर्ख हैं और 1 जनवरी मनाने वाला हर व्यक्ति (जो ईसाई नही) वह महामूर्ख है ।
बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना ।
पूरा विश्व हिन्दू नव वर्ष को ही मनाता था। लेकिन ईसाईयों ने हिन्दू नव वर्ष को अप्रैल फूल day घोषित कर 1 जनवरी को जबरन नव वर्ष घोषित किया।
क्या आप जानते हैं ?
जानने के बाद आपको क्या करना चाहिए ??
निचे दिए लिंक को पूरा पढ़ें।
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उसी प्रकार यह असली इतिहास प्रतिदिन सभी को भेजें बार बार। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो इस नव वर्ष की सच्चाई के बारे में ।
जानिये असली इतिहास
निचे दिए लिंक को पूरा पढ़े
वंदेमातरम् ।
नया साल किसने बनाया और कैसे ? http://bharatsamachaar.blogspot.com/2014/12/blog-post_30.html
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