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आज एक दूकान पर चर्चा थी की साईं बाबा नकली है और शन्कराचार्य ने ऐसा कहा है।
फिर एक ठेला भी बगल से गुजरा जिसमें साईं बाबा के भजन लगाकर घर घर से दान माँगा जा रहा था। लेकिन किसी ने भी दान नही दिया।

दिल को लगा की वैसे तो ये शंकराचार्य नकली है लेकिन आज इसने एक सही बात कही है वो भी एक ऐसे माध्यम से जिसे दुनिया देखती है। टीवी ।

येही सही समय है दोस्तों खुलकर सामने आ जाओ और बताओ सबको इस नकली साईं बाबा की सच्चाई।

साईं कोई अच्छा इंसान था या नही वो मैं नही जानता लेकिन वो एक भगवान नही था।

ये तो भारत की अंधभक्ति का फायदा उठाकर किसी को भी रातोरात भगवान बना देती है मीडिया।

ये वोही भारत है जिसमे मुस्लिम बलात्कारियों की , मुस्लिम फकीरों की (जो जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाते थे), मुस्लिम आक्रान्ताओ की मजार पर हिन्दू माथा टिकाते है।

जिस देश में अकबर को अच्छा समझा जाता है, शिवाजी महाराज व् झाँसी की रानी के बलिदान को समझा ही नही जाता की क्यूँ और किसकी वजह से ये वीर रणभूमि में शहीद हुए।

जिस देश में ऐसे राज्खराने जिन्होंने अंग्रेजो की चापलूसी की, देशभक्तों को मरवाया वो इस देश की संसद में बैठते आये हैं।

वाकई मेरा देश अज्ञानता के घोर अन्धकार में है। उसका कारण भी वोही है की वो जो पढता है और जो टीवी पर सुनता देखता है उसी को बिना किसी उचित तर्क के सत्य समझ लेता है।

पहले सभी कम्पनि बिस्कुट की ad में नही बताती थी की इसमें मैदा होता है। लेकिन अब नया उत्पाद  बेचना है तो खुलकर विज्ञापन की आपके बिस्कुट में क्या है ?

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बस जब हम तर्क करना और विचार करना शुरू करेंगे तभी ये अंधभक्ति अन्ध्श्रधा खत्म होगी।

वन्दे मातरम ।

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