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जानना व मानना में क्या अंतर है ?

जानना माने वो सत्य जो सबके लिए एक ही है। जैसे हवा पानी भोजन के बिना कोई पृथ्वी का जीव जीवित नही रह सकता। यह एक सत्य है इसको सभी जानते हैं।

मानना वह जो आपको सही लगती है। चाहे वो सत्य हो या असत्य उससे आपकी मान्यताओ पर असर नही पड़ता। जैसे मानव को भोजन में मांस खाना चाहिए यह कुछ लोगों की मान्यता है जबकि जानने की बात यह है की मानव शरीर मांस खाने के लिए, पचाने के लिए बना ही नही है।

जानना जिसमे बहस की गुंजाईश नही (मुर्ख तो फिर भी किसी भी बात पर बहस कर ही सकते हैं)

मानना जिसमे बहस की गुंजाईश होती है (जब तक ज्ञान / जानकारी/ की प्राप्ति नही हो जाती) मान्यताये गलत भी हो सकती है। मान्यताये प्रेरित होती है अपने स्वार्थ से। अपने अहम से।
जब कोई मान्यता में बहस की गुंजाईश नही बचती तब वह जानकारी बन जाती है। जैसे पृथ्वी गोल है । चन्द्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है।
सनातन हिन्दू धर्म की यह सब बाते पहले मान्यताये मानी जाती थी लेकिन आज उन्ही मान्यताओ को सत्य माना जाता है और यह ज्ञान की बात बन चुकी है जिसमे कोई 2 मत नही हैं।

जानिए शब्द का सही प्रयोग कीजिये। जानिए माने सत्य को जानिए ।

मानिये या न मानिये आपकी मर्जी पर निर्भर है।

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