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दिल्ली के रामलीला मैदान में 28 फरवरी 2016 को विशाल गौ रक्षा आन्दोलन में पूज्य गोपाल मणि जी महाराज के आदेश पर जनता को गौ माता का अर्थशास्त्र समझाते हुए मकौले शिक्षा व्यवस्था में CA नवनीत सिंघल

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गाय से 2 लाख करोड़ रूपये की रसोई गैस

दोस्तों आज हम एक श्रृंखला शुरू कर रहे हैं |

भारत की आर्थिक समस्या का  समाधान करेंगे हम और जानेंगे ऐसी रोचक बातें जो आपको स्कूल कॉलेज की किताबों में नहीं पढाई जाती |

debt_1815601fहमारे भारत देश के ऊपर प्रति वर्ष विदेशों से कर्जा बढ़ता ही रहता है, हम पुराने कर्जे को चुकाने के लिए भी नया कर्जा लेते रहते हैं | जिस तरह से यह सब चल रहा है, ऐसे ही चलता रहा तो वो अच्छे दिन कभी नहीं आने वाले जिनका वादा मोदी जी ने किया है हम सबसे |

इन सब के मुख्य कारण हैं:-

  1. भारत का अत्यधिक आयात बिल (तेल उत्पादों का)
  2. भारत के रूपये की निरंतर गिरावट
  3. भारत के नेताओ द्वारा भारत की लूट (भ्रस्टाचार)
  4. भारत की अपनाई गयी अंग्रेजी टैक्स व्यवस्था
  5. भारत की अपनाई गयी अंग्रेजी न्याय व्यवस्था (जिसमे न्याय नही फैसले होते हैं)
  6. भारत की अपनाई गयी अंग्रेजी कानून व् संसद व्यवस्था

और भी अन्य कई कारण हैं..

हम अगर सिर्फ पहले कारण की तरफ ध्यान दें तो भी हमारा देश फिर से समृद्ध हो सकता है| ऐसा नहीं है की हमारे पास विकल्प नहीं है, बल्कि इसका भी मुख्य कारण भ्रस्ताचार व् धर्म है | भारत का आयात बिल पूरी तरह समाप्त करके हम निर्यातक देश बन सकते हैं, इतनी क्षमता है हमारे देश में, उसकी संस्कृति में, उसके इतिहास की वैज्ञानिकता में|

आइये शुरू करते हैं…

आयात बिल में क्रूड आयल का सबसे बड़ा हिस्सा है|

  • वर्ष 2014 – 2015 में 7.6 लाख करोड़ रूपये का कच्चा तेल व अन्य तेल उत्पाद भारत ने आयात किए (RTI से प्राप्त आंकड़े, बजट भी देख सकते हैं इन आंकड़ो की पुष्टि करने के लिए) |
  • कितने रूपये होते हैं ये 7.6 लाख करोड़ ??  भारत के अगर सारे प्रकार के टैक्स जोड़ लिए जाएँ तब कहीं जाकर इतनी बड़ी रकम बनती है| यानि अगर हम इस आयत के बिल को समाप्त कर दें तो भारत के सभी टैक्स खत्म किये जा सकते हैं |
  • क्रूड आयल से वैसे तो बहुत से उत्पाद बनते हैं लेकिन हमारी चर्चा के लिए मुख्यतः 4 उत्पाद बनते हैं :–
  1. रसोई गैस में उपयोग होने वाला (एलपीजी, केरोसिन)
  2. पेट्रोल
  3. डीजल
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क्रूड आयल बंद कर दें तो यह सब की जरूरत कैसे पूर्ण होगी ?

भारत में रसोई गैस के लिए LPG, KEROSENE, PNG, FIREWOOD, COW DUNG CAKES, Crop residues उपयोग होता है |
वर्ष 2014- 2015 में :–

  • एलपीजी की कुल खपत हुई 1.8 करोड़ MT (3320 करोड़ लीटर), जिसका मूल्य 1.5 लाख करोड़ रूपये था |
  • केरोसिन की कुल खपत हुई 0.71 करोड़ MT (892 करोड़ लीटर), जिसका मूल्य 13377 करोड़ रूपये था |

हम अगर देश में मीथेन गैस के उत्पादन की तरफ वापस लौटें तो हम ये 1.66 लाख करोड़ बचा सकते हैं और साथ ही बहुत से अन्य लाभ भी होंगे (आर्थिक से अलग लाभ सबसे अंत में)

भारत की जनसंख्या है 125 करोड़, जिसमे लगभग 16 करोड़ परिवार हैं (हर परिवार में 8 सदस्य की औसत से) अभी भारत की 40 प्रतिशत जनता ही एलपीजी का उपयोग कर पाती है |biogasstory_v2

यह जरूरत पूरी होगी गाय के गोबर की गैस से |

  • 120 गाय एक दिन में 10 cylinder (14.2 किलो प्रति cylinder) के जितनी गैस उत्पादन करती है (गोबर के माध्यम से)
  • तो 1 वर्ष में 3650 cylinder (51830 किलो) 120 गाय से प्राप्त होंगे | (प्रति गाय प्रति वर्ष 431 किलो गैस)
  • 1 परिवार के लिए औसतन प्रति वर्ष 142 किलो (10 cylinder) काफी होते हैं.
  • भारत की जरूरत है (16 करोड़ परिवार 142 किलो गैस प्रति परिवार प्रति वर्ष) यानि 2272 करोड़ किलो गैस जिसके लिए जरूरत होगी 5-6 करोड़ गाय की

भारत में अभी 15 करोड़ गौवंश है जिसमे 12 करोड़ गाय हैं| यानि भारत की रसोई गैस की जरूरत से दुगनी तिगनी गाय जिनका अगर कत्ल प्रतिबंधित कर दिया जाए तो मात्र 3 साल में यह संख्या 24 से 36 करोड़ तक पहुंच जाएगी |

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आज की मौजूद जरूरत के लिए पर्याप्त संख्या में गाय हैं, जिनसे भारत का बहुमूल्य धन लगभग 2 लाख करोड़ रुपया बचाया जा सकता है| यह तो सिर्फ गोबर से निकलने वाली गैस से रसोई गैस में बचत हुई  |

इसी गैस के माध्यम से भारत पूरी तरह अपने पेट्रोल की जरूरत को खत्म कर सकता है यानि लगभग 2 लाख करोड़ रूपये की बचत | इसको व् गोबर की खाद व् गोमूत्र के लाभ अगली श्रृंखला में बताता हूँ |

भारत के गौ वंश के उपयोग से :–

  1. भारत के 2 लाख करोड़ रूपये की बचत
  2. गैस प्लांट बनाने के लिए 7 लाख गाँवो में 5 लाख रूपये की 1 बार की लागत (कम से कम 20 साल में), 35000 करोड़ रूपये लगेंगे जो की पहले ही वर्ष में अपना व्यय पूर्ण कर लेंगे. यानि 20 वर्ष में कुल बचत होगी 39 लाख करोड़ रूपये जो की भारत के विदेशी कर्ज (33 लाख करोड़ रूपये) को पूर्णतः खत्म करने में सक्षम है | वो भी सिर्फ गैस के माध्यम से |
  3. केरोसिन, जंगल की लकड़ी, गोबर के कंडे, फसल की बची हुई भुस यह सब जलने से बचेगा तो पर्यावरण में सुधार होगा | GLOBAL WARMING के संकट से विश्व बचेगा | सही रूप में विकास होगा | ग्लोबल वार्मिंग में सबसे मुख्य कारण है क्रूड आयल से उत्पादन व् उत्पादित वस्तुओ जैसे पेट्रोल डीजल से निकलने वाली जहरीली गैस | साथ ही मीथेन गैस जो उपयोग में हैं | मीथेन गैस पर्यावरण में अगर उपयोग न ली जाये तो यह पर्यावरण को गर्म करके नुक्सान पहुंचती है. विश्व की 25% ग्लोबल वार्मिंग का कारण है मीथेन गैस. लेकिन अगर इसी मीथेन गैस को उपयोग किया जाये जलाने में तो न सिर्फ उर्जा की जरूरत पूरी होगी बल्कि ग्लोबल वार्मिंग में 2 गुना फायदा होगा. विश्व को मीथेन गैस की तरफ लौटना ही होगा, अन्यथा विश्व नहीं बचेगा..
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भारतीय संस्कृति में शायद इसलिए ही गाय को माँ का स्थान दिया गया क्यूंकि उनसे ही यह विश्व प्रदुषण मुक्त (हवा पानी भोजन ) होकर जी सकता है .. MAAAAAAAAAAAAAAAA

References :-

रोपर में बहादुरपुर जहाँ मुफ्त है रसोई गैस गोबर के माध्यम से  (tribune समाचारपत्र की रिपोर्ट)

R S डेरी फार्म

भारत का विदेशी ऋण

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