कुछ बातें बचत करने की

कुछ बातें बचत करने की

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ये देखना समझदारी होगी कि आपका पैसा कहां खर्च हो रहा है और आपकी मेहनत से कमाई हुई पूंजी का कैसे इस्तेमाल हो रहा है।

यहां हम आपको कुछ ऐसे छोटे मगर असरदार सुझाव बताएंगे जो आपको उचित रहन-सहन बनाए रखने में मदद करेंगे। साथ ही इनकी मदद से आप बचत करने के नए तरीकों और आदतों के बारे में भी सीख सकते हैं।

बाहर खाना-पीना

बाहर खाना-पीना जरूरत से ज्यादा फैशन बनता जा रहा है। लोगों के बढ़ते आलस, रोमांच या आदत के चलते आज रेस्त्रां इंडस्ट्री काफी तेजी से बढ़ रही है। जब आप बाहर खाते हैं तो आप बेहतर, सर्विस, गुणवत्ता और माहौल की अपेक्षा करते हैं। कठिनाई के समय में भी आप बाहर खाने के मजे कैसे उठा सकते हैं।

डिनर की बजाए लंच पर बाहर जाएं- बाहर खाना है तो डिनर की बजाए लंच पर भी अच्छे मेनू और बुफे का लुत्फ उठा सकते हैं।

अपने दोस्तों और संबंधियों से पूछें- कि हाल ही में उन्होंने किस बेहतर जगह खाना खाया था। इससे आप सस्ती और बढ़िया जगह ढूंढ सकते हैं।

बाहर जाने से पहले घर पर एक ड्रिंक का आनंद लें- अपने खाने का बिल आधा करने का ये एक अच्छा विकल्प है। आजकल कुछ रेस्त्रां भी हैप्पी आवर्स के रूप में ऐसी सुविधा मुहैया कराते हैं।

कैश वाउचर का इस्तेमाल करें- लोकल मैगजीन में आपको कुछ वाउचर मिल सकते हैं जिन्हें इस्तेमाल करके आप स्वादिष्ट भोजन का आनंद कम कीमत पर ले सकते हैं।

समूह में बाहर खाना खाने जाएं- पहली नजर में ये कुछ अटपटा लग सकता है, लेकिन बाहर खाना खाने में कंपनी भी मिल जाएगी और जब बिल आएगा तो कुछ बचत भी होगी।

सप्ताहांत पर बाहर खाने से बचें- ज्यादातर जगहों पर वीकएंड में कवर/एंट्रैंस चार्ज होता है, साथ ही ज्यादा लोगों के चलते सेवाओं में भी कुछ देरी देखने को मिलती है।

मार्केटिंग संदेशों को डिलीट ना करें-. कई रेस्त्रां अपने ग्राहकों को डिस्काउंट देते हैं, अगर उनके पास एसएमस हों तो, तो अब से अपने मार्केटिंग संदेशों को डिलीट करने से पहले जांच लें।

ध्यान रखें- शुरूआत में एपेटाइजर मंगाएं और मेन कोर्स को दोस्त के साथ शेयर करें, मीठे को छोड़ा भी जा सकता है।

फैंसी जगहों का दिखावा छोड़ें- पास के ढाबे का खाना चखकर देखें-हो सकता है कि ढ़ाबे का खाने का स्वाद आपको हैरान कर दे और पैसे तो बचेंगे ।

 मनोरंजन:
लोकल अखबार और मैग्जीन देखें और जानें कि शहर में क्या हो रहा है- आप निश्चित तौर पर ये देखकर हैरान हो जाएंगे कि आपके शहर में कितनी सांस्कृतिक, साहित्यिक और आध्यात्मिक हलचल होती रहती हैं, वो भी हर सप्ताह। सबसे बड़ी बात है कि इसमें से कई मुफ्त होती हैं और कुछ की कीमत आपकी फिल्म की टिकट के आधे के बराबर हो सकती है।

अपने आप को किसी शौक में डुबोएं- इसके जरिए आप ना केवल नई चीजें सीख पाएंगे, बल्कि क्राफ्ट के अपने पुराने शौक को आजमा पाएंगे और नए लोगों से भी मिल पाएंगे। इसके जरिए आपको एक क्रियात्मक संतुष्टि भी मिलेगी और शायद आप कुछ नए लोगों से भी मिल सकते हैं।

अपने शहर को फिर से जानें- चाहें किसी लोकल पार्क में जाएं या किसी ऐतिहासिक जगह या संग्रहालय को देखने जाएं जिसे अब तक आपने जानने की जरूरत नहीं समझी थी।

घर पर ही मनोरंजन करें- अपने दोस्तों को घर बुलाएं, संगीत सुनें, खेल खेलते हुए मजेदार शाम का लुत्फ उठाएं। परिवार को समय दें फिल्मों को नहीं।

खरीदारी:
चाहें घर का जरूरी सामान लाना हो या राशन, किराने का सामान, आप बाजार जाने से खुद को रोक नहीं सकते हैं।
खरीदारी की सूची बनाए। इससे आप जरूरत की चीजें खरीदने पर केन्द्रित रहेंगे। फालतू खरीदारी से बचेंगे।

क्रेडिट कार्ड के उपयोग से बचें। इससे आप चाहकर भी जेब से अतिरिक्त नहीं खर्च कर पा़येंगे।

यदि बच्चौं के साथ बाहर जाएें तो उन्हें घर से कुछ खिलाकर चलें। इससे आप गैर जरूरी सनैक्स खरीदनें से बचेंगे।

हमेशा ब्राण्डेड उत्पादों के पीछे ना भागें- चाहें तो कुछ सस्ते उत्पाद भी खरीद सकते हैं जो आपके काम को पूरा कर सकते हैं।

इकट्ठा सामान खरीदें- अगर आप समझदारी से खरीदारी करें तो काफी बचत कर सकते हैं। लंबे समय तक चलने वाले उत्पाद जैसे साबुन, शैंपू, क्लीनिंग प्रोडक्ट को इकट्ठा खरीदने से आप एक बार बड़ा खर्च करते हैं, लेकिन लंबे समय तक खर्च से बच जाते हैं। अगर इन्हें किसी के साथ बांटते हैं तब आपकी लागत और भी कम हो सकती है।

केवल शौकिया खरीदारी के लिए बाजार ना जाएं-तभी खरीदारी करने की सोचें जब आपको वास्तव में जरूरत हो।

रेडी टू ईट के जाल से बचें- ये ना तो सेहतमंद होते हैं और बजट को तो कई गुना बढ़ाते ही है।

डिस्काउंट का फायदा उठाएं और फैक्ट्री आउटलेट पर पैसे बचाए-ऐसे स्टोर में कई बार आपको भारी वैराइटी आकर्षक दामों पर मिल सकती है।

मिक्स एंड मैच करके कपड़े खरीदें- अलग-अलग कपड़े खरीदना मतलब वॉर्डरोब को अनावश्यक भरना, और ऐसे सूट खरीदना जो काफी महंगे हों। बेहतर होगा कि मिक्स एंड मैच की रणनीति अपनाई जाए।

धोकर पहनने लायक कपड़े खरीदें- ड्राइ-क्लीनिंग महंगी भी होती है और पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक होती है क्योंकि इसमें सफाई के लिए पेट्रोलियम का प्रयोग होता है।

सिर्फ सेल के लालच में खरीदारी करने ना निकलें- कई सेल में ऐसे उत्पाद बेचे जाते हैं जो घटिया क्वालिटी के होते हैं और आप उन्हें सस्ते नहीं बल्कि महंगे ही ले लेते हैं क्योंकि ये किसी काम के नहीं होते हैं। तो बेहतर होगा कि आप ऐसी लुभावनी सेल से दूर ही रहें।

उपरोक्त दिए उपाय सामान्य लग सकते हैं पर समय के साथ प्रभावशाली हैं। साथ ही आप पर्यावरण संरक्षण में भी मदद कर रहे है।

अन्त में विज्ञापन घटिया वस्तुऔं को बेचनें के लिए किये जाते हैं और विज्ञापित वस्तुए अक्सर कई गुना महंगी होती है। अच्छी चीजौं की बिक्री किसी विज्ञापन की मोहताज नहीं।


Best Regards,
Manish Kumar
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