किसान समस्या का सबसे सरल उपाय

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    किसान समस्या
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    किसान समस्या का सबसे सरल उपाय जो कोई किसान नेता नहीं बताएगा..

    किसान सिर्फ उतनी ही फसल पैदा करें जितनी की उनका परिवार या उनके अपने हितैषी उपयोग कर सकें.

    वो उन लोगों के लिए क्यूँ फसल उगा रहे जो उनको उनकी लागत भी नहीं देना चाहते ?

    उन लोगों के लिए किसान क्यूँ अपनी जिन्दगी खतरे में डाले ?

    वो भी इन लोगों की तरह अपना समय ऐसे कार्यो में लगाये जिनसे वो भी दूसरी आय कमा सके और भोजन के लिए अपने परिवार को पूर्ण करने योग्य कृषि करे.

     

    परेशानी किसे होगी ?

    आत्महत्या कौन करेगा ?

    भूख से कौन मरेगा ?

    किसान नहीं, किसान का परिवार नहीं.

     

    मरेंगे वो लुटेरे जो किसान को लूट रहे

    मरेंगे वो बेवकूफ जो कहते हैं की कृषि क्षेत्र से लोगों को निकाल  कर शहर में नौकरी करनी चाहिए (अंग्रेजो की इत्यादि)

    बंद हो जायेगा वो बाज़ार जहाँ लोग किसान से ज्यादा कमाई करते हैं लेकिन मेहनत किसान से 1/4 ही करते हैं.

     

    हर व्यक्ति को जीवन जीने के लिए जो 3 मूल आवश्यक हैं वो उनको मिल रहे हैं.

    भोजन जो वो स्वयम पैदा कर रहे.

    पानी जो प्रकृति जमीन से दे रही

    हवा जो प्रकृति दे रही

    तो फिर आत्महत्या क्यूँ ?

    फिर कर्जा क्यूँ ?

     

    बीज घर में बनाओ

    देसी गाय घर में लाओ

    गोबर से खाद बनाओ

    गोमूत्र से कीटनाशक बनाओ

    बैल से  जुताई करो

     

    गोबर से रसोई गैस (बायो गैस बनाकर)

    फसल का एक हिस्सा स्वयम खाओ

    चारा गौ माता को खिलाओ

    बताओ किधर कमी है इस सिस्टम में ??

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    (न बीज बाहर से खरीदना, न खाद खरीदना, न कीटनाशक खरीदना, न ट्रेक्टर खरीदना, न डीजल खरीदना, न कर्ज लेना).

     

    आप जब ऐसा करोगे जब सभी को समझ आ जाएगी तुरंत की भाई

    जीने के लिए भोजन और भोजन के लिए किसान का जीवित रहना खुश रहना परम आवश्यक है.. नही समझ आती तो जाओ कर लो स्वयम के लिए भोजन की व्यवस्था. अब हमसे और न होगा.. हम क्यूँ अपने लागत पर फसल उगाये जिसके हमको पुरे पैसे भी न मिले और हम ही क्यूँ आत्महत्या करें.

    हम अन्नदाता हैं कोई भिकारी नहीं … आपने हमारा मोल न समझा तो कोई बात नहीं, स्वयम समझ आने लगेगा….

    4 COMMENTS

    1. किसानो को प्राक्रूतिक खेती की और लाना होगा। और इसके लीए हर एक गाँव में जाकर किसानोको समझाना पडेगा।

      • वो तो करना ही है लेकिन उससे क्या किसान को उचित मूल्य मिल जायेगा उसकी उपज का ?

    2. नवनीत भाई जी आपकी बात सत्य है परन्तु जो किसान सिर्फ खेती पर निर्भर हैं उनके जीवन की कुछ और मूलभूत आवश्यकतायें हैं जैसे बस्त्र , बच्चों की पढ़ाई , शादी – विवाह इसलिए किसान ज्यादा फसल तैयार करता है । यदि किसान को दो हजार मासिक भी नहीं मिले तो अन्य आवश्यकताएँ कैसे पूर्ण होगी ….. ?

      • पढाई से क्या करेंगे ?
        कृषि ज्ञान या नौकरी ?

        शादी के लिए धन की आवश्यकता क्यों ?
        2 किसान आपस में अपने घरों में रिश्ता करें ।

        कपडे भी कपास से मिलेंगे यानि किसान आपस में barter सिस्टम से ऐसा कर सकते हैं ।

        आज की इस किसान आत्महत्या की समस्या के सामने क्या कपडे पढाई और विवाह ज्यादा बड़ी समस्या है ?

        जीवन मूल है
        जीवन कैसे भी बचे यह मूल है
        बाकी सब समस्या का समाधान हो सकता है ।

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