काला धन खत्म करने के कुछ उपाय

काला धन खत्म करने के कुछ उपाय

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काला धन राजीव दीक्षित

काला धन राजीव दीक्षित
काला धन राजीव दीक्षित

देश में काले धन के मुख्य स्तोत्र हैं
1 चन्दा (धार्मिक संस्थाओ को, शिक्षण संस्थाओ को)
2 सट्टेबाज़ी क्रिकेट इत्यादि खेलो में
3 शेयर बाजार की नकली कम्पनियो द्वारा

अगर चंदे की इनकम को भी टैक्स के दायरे में लाएंगे तो यहाँ पर होने वाला गोरखधंधा बंद हो जायेगा।

ऐसा कहना है काले धन पर गठित SIT की रिपोर्ट का ।

आपकी क्या राय है।
1 कालेधन के धंधे को रोकने के लिए । (नया कालाधन न बने)
2 कालेधन को वापस सरकारी धन बनाने के लिए । (पुराना कालाधन वापस मुख्यधारा में आये)

मेरे सुझाव (राजीव दीक्षित जी से प्रेरित)
1 सभी बड़े नोट 500 1000 को recall करें । इससे जितना भी धन छुपा हुआ है उसको बैंक में एक बार आना ही पड़ेगा।

2 भारत से बाहर जितना भी धन भारतीयो का है, सरकार उसको आज ही राष्ट्रिय सम्पत्ति खोषित कर दे। इससे कोई भी विदेशी बैंक उस पैसे को अपने पास नही रख पायेगा (कानूनन पर्सनल प्रॉपर्टी ही विदेशो में जमा की जा सकती है) । जब यह सारा पैसा भारत आ जाये तब लोगों को मौका दिया जाये की साबित करें की यह पैसा वैध तरीके से कमाया गया था। जो साबित करे उसे पैसा दे दिया जाये। जो न कर पाये उसके पैसे भारत सरकार रखे ।

3 सबसे जबरदस्त और कारगर उपाय है
देश में टैक्स सिस्टम इतना complicated बनाया हुआ है की इस देश का हर नागरिक रोज टैक्स देता है, चाहे वह भिकारी ही क्यों न हो। indirect टैक्स के रूप में रोज हर नागरिक जब भी कुछ खरीदता बेचता है तो टैक्स देता है।
इसी टैक्स की लूट से बचने के लिए भारतीय नागरिक टैक्स चोरी के नए नए रास्ते खोजते हैं जिनमे इस देश के एक बड़े बड़े बुद्धिमान व्यक्ति दिन रात लगे रहते हैं (CA)। complicated सिस्टम की वजह से ही इनकी मुख्य आय है। जैसे complicated न्याय व्यवस्था की वजह से वकील का धंधा फल फूल रहा है।
अगर ये सभी सिस्टम
टैक्स का
न्याय व्यवस्था का
शिक्षा का
बदलकर सरल कर दिया तो ये बुद्धिमान लोग देश के विकास में बहुत योगदान दे सकेंगे।

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अभी तो ये नागरिको का सरकार से ही बचाव करने में लगे हुए हैं और इसी से कमाई करके करोड़पति बन रहे हैं ।

ऐसी एक सरलीकरण की योजना है अर्थक्रान्ति टैक्स सिस्टम । we.arthakranti.org

लेकिन ध्यान रहे जिनकी आय को या धंधे को आप खत्म करने जा रहे हो वो इतनी आसानी से ऐसा होने नही देंगे क्योंकि
पेशा पहले
देश बाद में
ऐसी सोच 95% लोगों की है जो इस लूट के सिस्टम को ऐसे ही चलते देना चाहते हैं ।

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