अर्थक्रांती प्रस्ताव

अर्थक्रांती प्रस्ताव

390
0
SHARE

अर्थक्रांती प्रस्ताव

1 (All Taxes and Duties of Central ,State and Local body Government except customs or import duties which functions as International Trade Balancer).

सभी तरह के टैक्स ख़तम किये जायें (सिवाय 1 कस्टम ड्यूटी के, क्यूंकि कस्टम ड्यूटी विदेश से आने वाले सस्ते उत्पादों पर लगे जाती है ताकि स्वदेशी उद्योगों को नुक्सान न हो और देश के उद्योग बढ़े)
  • This deduction is to be effected on receiving/credit accounts only.
  • This deducted amount will be credited to different Government levels like Central, State and Local
    (say 0.7%, 0.6%, 0.35% respectively).
  • Transacting Bank will also have its share in this amount as the bank has a key role to perform
    (say 0.35%).
2 एक नया टैक्स (सिर्फ 1 टैक्स) लगाया जाये. जो की बैंक में जमा होने वाली हर रकम पर लगे.
2% जमा रकम पर (जमा का मतलब जब भी आपके खाते में कहीं से भी पैसे आयेंगे तो 2% कट कर ही आयेंगे.)
बैंक से पैसा निकलने पर या खर्चने पर कोई टैक्स आप पर नहीं लगेगा. (सैलरी एक साल में आई 2 लाख रूपये तो आपको सिर्फ और सिर्फ 2*2%=4000 रूपये का टैक्स लगेगा बस.. न कोई return भरना न कोई CA को फीस देनी न कोई और खर्चा.)
2% में से केंद्र सरकार को .75 पैसे, राज्य सरकार को .60 पैसे, और लोकल MCD जैसी सरकारी अथॉरिटीज़ को .35 पैसे, और बाकी .35 पैसे बैंक को क्यूंकि बैंक ही अब टैक्स काटने का और टैक्स का सरकारी खातों में सही तरीके से वितरण. बैंक्स में सिक्यूरिटी सिस्टम हाई करना होगा इसके लिए भी बैंक पर ज्यादा खर्च करना होगा.. 
3 सारे बड़े नोट वापिस ले लिए जाएँ . 50 रूपये से बड़ा नोट कोई न हो.
इससे नकली नोट के धंधे पर बंदिश अपने आप ही लग जाएगी क्यूंकि एक नकली नोट बनाने में 50 रूपये तक खर्च हो जाते हैं.

Also Read:  Valentine day History

4 cash यानि नकदी में काम करने पर किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं.. लेकिन साथ ही सरकार को ऐसे कानून बनाने होंगे जिससे की 2000 रूपये से ज्यादा की cash नकदी का लें दें न हो सके.

This means, Cash Transactions above this limit will NOT enjoy any legal protection.

निचे दिए 3 लिंक भी अवश्य पढ़े.

आपको मैं सीधे और आसान भाषा में समझाने की कोशिश करूँगा. भारत का सालाना बजट है 14 लाख 90 हज़ार करोड़ रूपये http://bharatsamachaar.blogspot.in/2014/02/no-to-all-taxes-in-india-except-1-tax.html

लंबे अर्से बाद उस दिन अतुल देशमुख से मुलाकात हुई। नागपुर के रहने वाले अतुल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उनके साथ औरंगाबाद के अनिल बोकिल भी थे। अनिल से मेरी यह पहली मुलाकात थी। पता चला दोनों बाबा रामदेव से मिलने दिल्ली आए हैं (जो उन दिनों रामलीला मैदान में डटे हुए थे)। बाबा से मिलने की कोई खास वजह? http://bharatsamachaar.blogspot.in/2013/02/tax-free-new-indian-economic-system.html

हमारे प्रस्तावों की सरलता ही हमारी दिक्कत है – अनिल बोकिल
http://bharatsamachaar.blogspot.in/2014/02/arthkranti-simple-solution-is-problem.html

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY